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जाग के काटी सारी रैना

अब मेरे पास तुम आई हो तो क्या आई हो?

जिस्म की बात नहीं थी उनके दिल तक जाना था

बेबसी जुर्म है हौसला जुर्म है........

मैं उतना याद आऊँगा मुझे जितना भुलाओगे...

उसके आ जाने की उम्मीदे लिए

जिस की आँखों में कटी थी सदियाँ

बदला ना अपने आप को जो थे वही रहे

तेरी आँखों में हमने क्या देखा...

जब किसी से कोई गीला रखना

किसने भीगे हुए बालों से ये झटका पानी